हनुमान की विशालकाय गदाInternational Affairs mythology News 

श्रीलंका में खुदाई के दौरान मिली हनुमान की विशालकाय गदा

रामायण का भारत और श्रीलंका के साथ काफी गहरा संबंध है। भगवान श्री राम के वनवास का आखरी समय श्रीलंका के आसपास ही बीता। भगवान श्री राम के दूत महाबली पवन पुत्र हनुमान भगवान राम के आदेश के बाद उनका संदेश लेकर लंका में रावण के पास कैद माता सीता के पास गए थे। वहां पर उन्होंने रावण की सोने की लंका जला दी थी। रामायण काल से जुड़े ऐसे कई सबूत भारत और श्रीलंका की सरकारों को मिल चुके हैं।

हाल ही में श्रीलंका में खुदाई के दौरान हनुमान की विशालकाय गदा प्राप्त हुई है। यह गदा काफी विशाल है। जिस पर अध्ययन किया जा रहा है यह पहली बार नहीं है जब खुदाई के दौरान रामायण काल से जुड़ी इस तरह की चीजें प्राप्त हुई हैं। इसके पहले भी रामायण काल के कई तरह के सबूत मिल चुके हैं।

हनुमान की विशालकाय गदा से पहले भी मिले हैं कई अवशेष

दरअसल पिछले काफी समय से भारत का इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर जोकि रामायण से जुड़े तथ्यों की खुदाई और खोजबीन करता है ने श्रीलंका में एक ऐसी जगह का पता लगाया। जहां पर यह अनुमान लगाया गया कि वहां पर रामायण काल से जुड़े अवशेष दबे हुए हैं। वहां की खुदाई करने पर यह विशालकाय गदा प्राप्त हुई। इस विशाल का गदा का वजन 1000 किलोग्राम से भी अधिक है। वही यह गधा पूरी तरह से सोने की बनी हुई है।

मिल चुका है विशाल नर कंकाल

 विशाल नर कंकाल

भारत के इंटरनेशनल रामायण रिसर्च सेंटर को इसके पहले की श्रीलंका में खुदाई के दौरान एक विशालकाय नर कंकाल मिल चुका है जो कि इस समय शोध के लिए रामायण रिसर्च सेंटर के पास है। इसके अलावा अशोक वाटिका, रावण महल जैसे कई स्थानों को पहचान कर उन्हें चिन्हित किया गया है। श्रीलंका की सरकार ने रावण से जुड़ी कई जगहों को राष्ट्रीय मान्यता भी प्रदान की है

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श्रीलंका में खुदाई के दौरान मिली हनुमान की विशालकाय गदा
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श्रीलंका में खुदाई के दौरान मिली हनुमान की विशालकाय गदा
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भारत के रामायण रिसर्च सेंटर द्वारा किए जा रहे हैं। शोध के बाद खुदाई में हनुमान की विशालकाय गदा प्राप्त हुई है जिसका वजन 1000 किलो से भी अधिक है।
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